फुस्स हो गया कांग्रेस का बुलबुला
नई दिल्ली। चुनावी प्रक्रिया को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह जारी चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अदालत की इस टिप्पणी को कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और एक बार चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद न्यायालय सामान्यतः उसमें हस्तक्षेप करने से बचता है। अदालत ने याचिकाकर्ता को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उपलब्ध कानूनी विकल्पों का सहारा लेने की सलाह दी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनाव से जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए संविधान और कानून में स्पष्ट व्यवस्था मौजूद है। ऐसे मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप तभी संभव है जब कोई असाधारण परिस्थिति सामने आए।
अदालत की टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां इस फैसले को चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप बताया है।
इस फैसले के बाद संबंधित चुनावी प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी। मामले पर सभी की नजरें अब आगामी चुनावी घटनाक्रम और संभावित कानूनी कदमों पर टिकी हुई हैं।






