श्री श्री ठाकुर अनुकुलचंद्र जी का सपना होगा साकार
गंगा नदी को डरवा नदी, देवघर तक लाने की ऐतिहासिक पहल को मिली गति
श्री श्री ठाकुर की दिव्य दृष्टि का परितफ़ल अब गंगा बाबा बैद्यनाथ की धरती पर आकर करेंगी उनका जलाभिषेक
प्रेरणा से हुआ महत्वपूर्ण बैठक, DPR शीघ्र तैयार कर परियोजना को जमीन पर उतारने का निर्णय
भारत सरकार, झारखंड सरकार एवं सत्संग प्रतिनिधिमंडल की सक्रियता से वर्षों से लंबित परियोजना को मिली नई ऊर्जा

देवघर : लगातार 41 सालों से चल रहे भगीरथ प्रयास के सफलता की ज्योति अब नजर आने लगी है। केंद्र सरकार ने गंगा को गढ़वा नदी से जोड़ने का जो सर्वे कराया था उसकी रिपोर्ट आ चुकी है अब रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही प्रोजेक्ट का डीपीआर बनाया जाएगा। और सबकुछ ठीक रहा तो अगले दो-तीन वर्षों में गंगा जी के बाबा नगरी के जलाभिषेक करने की हजारों वर्षों पुरानी परिकल्पना साकार हो जाएगी। साथ ही साथ ही साथ गंगा का पानी पूरे संथाल परगना के विकास में मिल का पत्थर साबित होगा।
ठाकुर श्री श्री अनुकुलचंद्र जी की प्रेरणा और सत्संग देवघर के आचार्य देव जी की इच्छा को ध्यान में रखते हुए गंगा नदी को डरवा नदी के माध्यम से देवघर, झारखंड तक लाने की वर्षों से लंबित परियोजना को गति देने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

यह बैठक राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA), जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के महानिदेशक श्री बालेश्वर ठाकुर एवं मुख्य अभियंता श्री एन.के. मांगलिक के कार्यालय आर.के. पुरम, नई दिल्ली में संपन्न हुई। इस बैठक में झारखंड से आए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डॉ. राधाकृष्ण लाल संयोजक एवं डॉ. शूलपाणि सिंह सहसंयोजक , प्रो मलियज, दीप ज्योति , अमूलय चंद्र डॉ दत्तl ने किया।
बैठक में झारखंड जल संसाधन विभाग, रांची के पत्रांक 3/MPC/NWDA-308/2019/213, दिनांक 13 जून 2025 को महानिदेशक को सौंपा गया। परियोजना को शीघ्र धरातल पर लाने हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जल्द से जल्द तैयार कर सचिव एवं मंत्री महोदय को सूचित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री माननीय सी.आर. पाटिल जी से मुलाकात कर उन्हें झारखंड सरकार के पत्र की जानकारी दी। मंत्री महोदय ने गंभीरता से इस विषय को लेते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्यमंत्री श्री डॉ राजभूषण चौधरी जी से भी भेंट कर गंगा जल को देवघर तक लाने की आवश्यकता बताई। मंत्री जी ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय मानते हुए हरसंभव प्रयास का भरोसा दिया।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री बालेश्वर टुडू भी प्रतिनिधिमंडल के साथ उपस्थित रहे। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने देवघर के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे जी से उनके दिल्ली आवास पर मुलाकात की। उन्होंने तत्क्षण ही जल संसाधन विभाग के सचिव से फोन पर वार्ता कर त्वरित कार्रवाई की मांग की।

इस महत्वपूर्ण पहल के उपलक्ष्य में डॉ. शूलपाणि सिंह के आवास पर एक विशेष सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में तिरुपति बालाजी संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो आरके ठाकुर, कमला दास, विभा पटनायक सुधा कांत दास जगन्नाथ सान्याल, दिल्ली एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित हुए। श्री श्रीठाकुर अनुकुलचंद्र जी की वाणी, भजन-कीर्तन एवं आनंद बाजार के साथ सभी उपस्थित गुरु भाई अत्यंत भावविभोर हुए।
यह परियोजना न केवल आस्था का विषय है, बल्कि इससे देवघर व आसपास के हजारों किसानों को सिंचाई की सुविधा, शुद्ध पेयजल, एवं पर्यटन विकास का सीधा लाभ मिलेगा।
निष्कर्ष (Conclusion):
श्री श्री ठाकुर अनुकुलचंद्र जी की प्रेरणा से आरंभ हुई इस ऐतिहासिक परियोजना ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से भी संपूर्ण झारखंड एवं बिहार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।






