१. भारतीय डिफेंस सिस्टम की जबर्दस्त धाक।
२. इंडियन इकॉनमी को बहुत बड़ी क्षति नहीं ।
३. भारतीय हथियारों की बेहतरीन गुणवत्ता से परिचित हुआ सारा विश्व ।
४. चाइनीज हथियारों से खरीदारों का भरोसा उठा, अब भारतीय हथियार लेंगे विश्व में चीनी हथियारों का स्थान।
५. सेना के तीनों अंगों का आपस में कोऑर्डिनेशन ने बनाया भारत को दुनिया की सबसे सशक्त सेनाओं में से एक।
६. पहले सीजफायर की घोषणा पाकिस्तान की तरफ से हुई अर्थात पाकिस्तान ने स्वीकारी हार।
७. भारत में एक बार फिर साबित कर दिया हमें लड़ाई में कोई ज्यादा दिलचस्पी नहीं, हमारी तैयारी अपनी सेफ्टी के लिए है।
८. आकाश मिसाइल की पूरी दुनिया मुरीद, छोटे देशों के लिए यह हथियार बहुत कारगर सिद्ध होगा।
९. प्रधानमंत्री ने सिद्ध किया कि वह ब्रांड मोदी को स्थापित करने की जगह वे शांति और इकॉनमी को अधिक तरजीह देते हैं।
१०. अब पाकिस्तान फिर से पहलगाम जैसे ऑपरेशन ऑर्गेनाइज करने से पहले बार-बार सोचेगा।
११. सिंधु नदी समझौता टूट चुका है, इसे पाकिस्तान में स्वीकार किया है। भारत में 1960 में हुई गलती अब ठीक कर ली गई है।
१२. भारत की शर्तों पर हुआ युद्ध विराम समझौता।






