संतोष पाठक
रांची : भाजपा ने एक बार फिर से बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक दल का नेता नेता चुना है. कायदे से क्योंकि भाजपा सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है और बाबूलाल जी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. अतः वह नेता प्रतिपक्ष के प्रबल दावेदार हैं। अब प्रश्न यह उठता है की पिछली बार भी भाजपा ने जेबीएम के विलय के पश्चात बाबूलाल को भाजपा विधायक दल का नेता चुना था। लेकिन हेमंत सोरेन की पिछली सरकार ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं दिया। कल तक भाजपा को विधायक दल का नेता चुनने की चुनौती देने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता गण का मुंह तो भाजपा ने विधायक दल का नेता चुन कर बंद कर दिया है। लेकिन अब गेंद पूरी तरह से सरकार के पाले में है। पिछली सरकार की तरह ही स्पीकर के पद पर रविंद्र नाथ महतो बरकार है और मुख्यमंत्री के पद पर हेमंत सोरेन बिराज रहे हैं। ऐसे में इस बात की संभावना बन रही है कि एक बार फिर से बाबुलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी न मिल पाए। बरहहाल इस संबंध में कोई भी कयास लगाना गलत होगा।






