बड़े आंदोलन और बलिदान से मिला है झारखंड, युवा इसे संवारने में आगे आएं: अनुज सिन्हा

• अबुआ अधिकार मंच की विचार गोष्ठी संपन्न, हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा

रांची। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक अनुज कुमार सिन्हा ने कहा कि लंबे संघर्ष, आंदोलन और शहादत से झारखंड अलग राज्य का गठन हुआ है। युवाओं को इसे संवारने और हर झारखंडी के हक-अधिकार को सुरक्षित और सुनिश्चित करने के लिए आगे आना होगा। युवा अपनी क्षमता और ऊर्जा का बेहतर उपयोग अपने भविष्य को संवारने के साथ-साथ झारखंड के सतत विकास में लगाएं, यही झारखंड के शहीदों के प्रति सच्चा विश्वास और सम्मान होगा।

वे रांची के मैथन हॉल में अबुआ अधिकार मंच द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी ‘शहीदों का सपना और युवाओं की भागीदारी’ में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने झारखंड आंदोलन, धरती पुत्रों के संघर्ष और शहादत पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को अलग राज्य गठन के उद्देश्य को समझना चाहिए और विचारों की क्रांति का अलख जगाने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की सामाजिक संगठनों में बढ़ती भागीदारी एक अच्छा संकेत है और इसे और मजबूत करने की आवश्यकता है।
सम्मेलन में संयोजक गौतम सिंह, प्रो० विनय भरत, सरजीत मिर्धा. डा0 रामानुजम, घनश्याम मुंडा ने अपनी बात प्रमुखता से रखा।

इस अवसर पर मुख्य रूप से गौतम सिंह, नीरज वर्मा, घनश्याम मुंडा, विश्वास उरांव, नीतीश सिंह, अभिषेक शुक्ला, अभिषेक झा, अंशुतोष कुमार, विशाल यादव, गुलाबी मुंडा, नेहा महतो, अभिनाश उरांव, सुमित कुमार, मुदस्सर अंसारी, प्रेम, मनजीत, बी.एस. महतो, ऋषभ आनंद, मनजीत साहू, हरिओम महतो, प्रियांशु शर्मा, राजकुमार महतो, गुंचा कमर, रूफी परवीन, मनीषा महतो, ईशा गुप्ता, सुशील, पंचम, साहिल, सिद्धांत, अमन, मुसाबिर, अंकित, राहुल, अदनान, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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