हजारीबाग : पढाना-लिखना बना अभिशाप, 48 घंटों तक अपनों की आस मे मोर्चरी में पड़ी रही लाश
यह शर्मसार करनेवाली खबर है। दुःखद और अंतर्मन को झकझोरनेवाली कि आज लोग कितना खुदगर्ज होते जा रहे हैं। लोग खुद में सिमट रहे हैं, जिससे नाते- रिश्ते सब पर विराम लग रहा है। रिश्ते मर रहे हैं, तभी तो ऐसी घटनाएं आ रही है इसी समाज से सामने। डॉ प्रेम दास, हजारीबाग के एक … Read more